


हरिद्वार। बीती देर शाम से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शहर की कई सड़के जलमग्न ही गई, कई कॉलोनियों में जलभराव से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। जलभराव की स्थिति का जायजा लेने खुद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को सड़कों पर उतरना पड़ा।
बीती बुधवार देर शाम से शुरू हुई मूसलाधार बरसात के बदस्तूर जारी रहने से उत्तरी हरिद्वार के सप्तऋषि, खड़खडी, भीमगोड़ा आदि अनेकों क्षेत्रों में भारी जलभराव से स्थिति विकट हो गई। वहीं मध्य हरिद्वार के पुराना रानीपुर, टीबड़ी, चंद्राचार्य चौक, भगत सिंह चौक आदि क्षेत्रों में सड़कों व अंडरपास में भारी पानी भर जाने से कई वाहन फंस गए। इसके अलावा कनखल स्थित गुरुबख्श विहार तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूमनानंद अस्पताल के निकट भी भारी जलभराव हुआ। वहीं गंगा किनारे की आसपास की कॉलोनियों में पानी भर जाने से स्थानीय लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो गया।
मानसून के आने से पूर्व आईं पहली भारी बरसात ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। शहर के चारों ओर भारी जलभराव की खबरें मिलते ही खुद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को सड़क पर उतरना पड़ा। डीएम ने मौके पर निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को जल निकासी के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, साथ ही नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की।
जिलाधिकारी ने पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, वहां आवश्यकता अनुसार ट्यवर्ट किया जाए, जिससे शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न न हो तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क एवं अलर्ट रहने के निर्देश दिए।


